सुल्तानगंज एनकाउंटर: आतंक का अंत, इलाके में राहत की लहर

सुल्तानगंज एनकाउंटर: आतंक का अंत, इलाके में राहत की लहर

Sultanganj Encounter: End of Terror

Sultanganj Encounter: End of Terror,

 भागलपुर। Sultanganj Encounter: End of Terror, सुल्तानगंज में 28 अप्रैल 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी रामधनी यादव का नाम इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका था। उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी जैसे जघन्य अपराधों के कुल 28 मामले दर्ज थे। उसके खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई पीड़ित डर के कारण उसके खिलाफ शिकायत तक दर्ज नहीं कराते थे। अब उसकी मौत के बाद स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली है। सुल्तानगंज में पुलिस मुठभेड़ में रामधनी यादव के मारे जाने के बादइलाके का कुख्यात रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा के भूमिगत हो जाने की चचातेज हो गई है।

कटा सिर लेकर थाने पहुंचा था, फैलाई थी दहशत

रामधनी यादव की क्रूरता की एक घटना आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है। वर्ष 2000 में उसने एक कारोबारी की हत्या कर उसका कटा सिर थाने की टेबल पर रख दिया था। उस दौरान उसने खुद पुलिस के सामने अपराध कबूल करते हुए दहशत भरे अंदाज में अपनी पहचान जाहिर की थी। इस घटना के बाद इलाके में उसका भय और भी बढ़ गया था।

रंगदारी के डर से झुकते थे कारोबारी

स्थानीय कारोबारियों के बीच रामधनी का खौफ इतना था कि उसके गुर्गे जब किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर पहुंचते, तो एक ही संदेश देते—‘बॉस बुला रहे हैं’। इसके बाद कारोबारी अपनी सुरक्षा के डर से न केवल उसके पास पहुंचते थे, बल्कि ‘चढ़ावा’ देना भी उनकी मजबूरी बन जाती थी। विरोध करने पर गंभीर अंजाम का डर हमेशा बना रहता था।

एनकाउंटर पर दुष्प्रचार की साजिश, नेता की तलाश

मुठभेड़ के बाद अब एक नई कहानी गढ़कर मामले को भ्रमित करने की कोशिश भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, एक स्थानीय नेता इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दुष्प्रचार फैलाने की साजिश में शामिल है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि अपराधी के परिवार द्वारा भी भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए

पुलिस ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में समर्पित कर दी गई है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की टीम ने घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है, जिससे किसी भी तरह की अफवाहों पर विराम लगाया जा सके।

बेटा और सहयोगी भी पुलिस गिरफ्त में

रामधनी यादव को छुड़ाने के लिए पुलिस टीम पर हमला करने वाले उसके सहयोगी मटुकी मंडल और बेटे सन्नी यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में 29 अप्रैल की सुबह अगुवानी पुल के पास दोनों की लोकेशन मिली थी। इसके बाद छापेमारी कर उन्हें दबोच लिया गया।

सन्नी पर 11 केस, मटुकी भी शातिर अपराधी

रामधनी के बेटे सन्नी यादव पर भी संगीन मामलों के 11 केस दर्ज हैं। वहीं मटुकी मंडल दियारा क्षेत्र में सक्रिय रहा है और कई आपराधिक घटनाओं में उसकी भूमिका सामने आ चुकी है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आईजी का सख्त निर्देश, अपराधियों पर नजर

रेंज आईजी विवेक कुमार ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण जैसे मामलों में शामिल अपराधियों और उनसे जुड़े सफेदपोशों पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत पर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाए और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर उनकी जमानत रद कराने की कार्रवाई की जाए।

इलाके में बढ़ी सुरक्षा, लोगों में भरोसा

रामधनी यादव के मारे जाने के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। लगातार कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों को उम्मीद है कि अब उन्हें भयमुक्त माहौल में काम करने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में शांति कायम रहेगी।

रंजीत कनबुच्चा की जमानत रद कराने की तैयारी

कुख्यात रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा का भी घाट इलाके में आपराधिक सक्रियता की सूचना पर पुलिस उसकी जमानत रद कराने की कवायद शुरू कर दी है।